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गणेश जी की पूजा की विधि । ganesh ji ki pooja

गणेश जी की पूजा करने की विधि

बुधवार का दिन गणेश भगवान का वार होता है । जिसकी कुंडली में बुध ग्रह का दोष हो स्थायी बाधा आ रही हो लक्ष्मी का वास ना हो रहा हो ऐसे में गणेश भगवान की पूजा करनी चाहिए ।।

हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार किसी भी काम को करने से पहले गणेश जी को याद किया जता है ऐसा माना जाता है किसी भी कार्य करने से पहले फिर चाहे वो शादी हों या नए व्यापार नई नौकरी, यात्रा आदि हो गणेश भगवान को याद करने से वो कार्य बिना रुकावट पूरा हो जाता ह ।

गणेश जी की पूजा की विधि


गणेश भगवान की पूजा कैसे करे- 

. सबसे पहले बुधवार वाले दिन सुबह जल्दी उठें स्नान करे बिना कुछ खाए - पिए बिना स्नान करने के बाद हरे या सफेद रंग के वस्त्र पहनने चाहिए । 
जब भी पूजा पर बैठे उस स्थान को अच्छे से साफ कर ले। आपको पूजा शुरू करने से पहले ध्यान रखे कि एक आशन लेना चाहिए आशन हरे या सफेद रंग का हो अगर हरे या सफेद रंग का ना मिले तो लाल रंग का भी ले सकते है ।

इसके बाद आप एक पाटा ले ले इसके ऊपर वो आशन बिछा दी । इसके बाद एक छोटे गणपति ले ले या गणपति की कोई तस्वीर ले ले और उस पाटे पर विराजमान कर दे ।
इसके बाद एक चो मुखा दिया ले ले जिसके चार मुख ही ये चो मुख वाला दिया बुध ग्रह दोष के लिए होता है अगर आप गणेश जी की पूजा बुध ग्रह दोष के लिए करते है तो आपको चो मुखा दिया जरूर जलाना चाहिए ।

एक दिया घी का जलाए गणेश जी की लिए गणेश को चढ़ाने के लिए फल फूल आदि रखें तथा प्रसाद में मोदक या बूंदी के लड्डू रखें । मोदक गणेश जी को बहुत पसंद होते है ।
और आप फूल चढ़ाए तो गेंदे के फूल चढ़ाएं ऐसा माना जाता है कि गेंदे के फूल गणेश जी को बहुत पसंद होते है । तथा इनके साथ धूप अगरबत्ती भी अवश्य जलाएं ।

एक पानी का कलश चाहे वो चांदी का हो या ताबे का गणेशी जी के पास भर कर रखे ।
साथ ही में आप गणेश जी को दूब यानी घास चढ़ाएं ऐसा माना जाता है कि घास के 21 गांठ 21 बुधवार को चढ़ाने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है इसी के साथ गणेश जी को चावल भी चढ़ाएं ।

ये सभी कार्य करने के बाद पूजा की शुरआत करे 

आपको अपने बाए हाथ में जल ले लेना है उसी कलश से इसके बाद दाए हाथ की एक उंगली से आपको ये मंत्र बोलकर तीन बार अपने ऊपर जल डालना है 
मंत्र : 

औम अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्था गतोअपी वा : ।
या स्मरेत पुंडकरीकाक्ष स ब्रह्मामायंत्र: शुचि : ।।

इसके बाद गणेश जी के 108 मंत्रो का माला के करके जाप करें 
मंत्र : 
ओम गण गणपतय नम: ।।

ये सभी विधि हो जाने के बाद गणेश जी को दूध, जल, पंच अमृत से स्नान कराएं इसके बाद जी को भोग लगाए मोदक का भोग लगाए अगर मोदक नहीं है तो आप बूंदी के लड्डू ले सकते है या फिर आप मोदक घर भी बना सकते है ।

अन्त में ये सब करने के बाद गणेश जी की आरती करें । साथ में आप लक्ष्मी माता की भी आरती कर सकते है ।
इसके बाद जो भोग गणेश जी को लगाया है उसका प्रसाद आप अपने घर के सदस्यों में या बाहर बाट दे ।

इसी प्रकार आपकी गणेश जी की पूजा की विधि पूरी होती है आप चाहे तो गणेश जी की कथा भी कर सकते है आपको कथा नहीं भी आए तो आप उसके लिए किसी किताब की मदद भी ले सकते है ।

ये पूजा की विधि पुरुष और महिला दोनों के द्वारा भी की जाती है परन्तु ये विधि सुबह जल्दी उठ कर स्नान करके करे आप गणेश जी का व्रत भी बुधवार वाले दिन रख सकते है उस समय आप सब ये विधि करे तथा शाम को गणेश भगवान के मंदिर में जाकर वहां गणेश जी की पूजा भी करे मंदिर में प्रसाद चढ़ाएं ।

ये सब करने से आपके जल्द ही बुध ग्रह दोष से छुटकारा मिल जाएगा साथ ही साथ जो काम आपके रुके हुए है वह जल्द ही पूरे होंगे घर में लक्ष्मी का वास होगा ।

एक बात का अवश्य ध्यान रखे कि ये विधि करते हुए मन में ये भाव रखे कि गणेश जी हमारे घर में जो भी समस्या हो उसका जल्द से जल्द आप निवारण करे मुझे इस कड़नाई से दूर करे ।

आशा करता हूं मैं की आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी अब आप गणेश जी की पूजा करने की विधि आसानी से समझ गए होंगे ।
हम आगे भी ऐसी पोस्ट आपके लिए लाते रहेंगे जिससे आपको मदद मिले 


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